अगर आप हल्द्वानी (उत्तराखंड) में रहते हैं, तो आपने शाम के समय भोटिया पड़ाव या नगर पालिका चौराहे पर लगने वाली मोमोज और चाट की खुशबू जरूर महसूस की होगी। लेकिन जब बारिश हो रही हो, या घर पर परिवार के साथ फुर्सत के पल हों, तो बाहर निकलकर स्टॉल तक जाना अक्सर थकाऊ हो जाता है।
इसी समस्या का समाधान करने के लिए हल्द्वानी के दो युवाओं — Karan Kumar (21 वर्ष) और Lokesh Paneru (20 वर्ष) — ने मिलकर बनाया है: Streat Eats।
🌟 Streat Eats की मुख्य विशेषताएं
- असली स्टॉल की कीमतें (Zero Markup): जो दाम ठेले या दुकान पर है, वही दाम ऐप में मिलेगा। कोई अतिरिक्त मूल्य वृद्धि नहीं!
- 30 मिनट में तेज डिलीवरी: आपके नजदीकी स्टॉल से गरमा-गरम खाना सीधा आपके घर।
- न्यूनतम डिलीवरी शुल्क: 1 किलोमीटर के अंदर केवल ₹5 से डिलीवरी शुरू।
- कैश ऑन डिलीवरी (COD): खाना मिलने पर नकद भुगतान की पूरी सुविधा।
- विशेष कूपन कोड: अपने पहले आर्डर पर STREAT50 लगाएं और पाएं ₹50 तक की छूट!
Streat Eats की शुरुआत क्यों हुई?
Zomato और Swiggy जैसे बड़े डिलीवरी ऐप केवल बड़े और महंगे रेस्टोरेंट्स पर ध्यान देते हैं। वे खाने की कीमतों पर 25% से 35% तक अतिरिक्त कमीशन जोड़ देते हैं, जिससे ग्राहकों की जेब पर भारी बोझ पड़ता है। इसके अलावा, वे हल्द्वानी के स्थानीय स्ट्रीट फूड स्टॉल्स (जैसे मोमोज, टिक्की, बर्गर, रोल वाले) को अपनी ऐप पर शामिल नहीं करते।
संस्थापक Karan Kumar और Lokesh Paneru ने सोचा कि जब हल्द्वानी का असली स्वाद गलियों और नुक्कड़ों पर मिलता है, तो इसके लिए एक समर्पित, पारदर्शी और किफायती डिलीवरी सिस्टम क्यों न बनाया जाए? इसी सोच से Streat Eats का जन्म हुआ।