कैसे Karan Kumar और Lokesh Paneru ने बनाई Haldwani की पहली Street Food Delivery App | प्रेरक कहानी

कहा जाता है कि असली नवाचार (Innovation) बड़े शहरों के वातानुकूलित केबिनों में नहीं, बल्कि जमीनी जरूरतों और समस्याओं के बीच जन्म लेता है। उत्तराखंड की हसीन वादियों की तलहटी में बसे शहर हल्द्वानी की सड़कों पर दो नौजवान दोस्तों ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है।

यह कहानी है Karan Kumar (21 वर्ष) और Lokesh Paneru (20 वर्ष) की — जिन्होंने बिना किसी बड़े विदेशी इन्वेस्टर की फंडिंग के, अपनी कड़ी मेहनत, कोडिंग कौशल और जमीनी लगन से हल्द्वानी का अपना हाइपरलोकल फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म — Streat Eats — खड़ा कर दिया।

🌟 कहानी के मुख्य बिंदु

  • संस्थापक: Karan Kumar (Founder & CEO) एवं Lokesh Paneru (Co-Founder & Ops Head)
  • जन्मस्थान: हल्द्वानी, कुमाऊं मंडल, उत्तराखंड
  • समस्या: हल्द्वानी के मशहूर स्ट्रीट फूड स्टॉल्स पर कोई होम डिलीवरी उपलब्ध नहीं थी।
  • समाधान: 0% फूड प्राइस मार्कअप के साथ 30 मिनट में गरमा-गरम होम डिलीवरी।
  • उपलब्धि: 15+ लोकप्रिय स्टॉल्स, दर्जनों स्थानीय युवाओं को रोजगार और 1200+ सफल ऑर्डर्स।

शुरुआत: कॉलेज के दिनों की भूख और एक साझा विचार

हल्द्वानी का स्ट्रीट फूड पूरे कुमाऊं में मशहूर है। नगर पालिका के पास के गरमा-गरम मोमोज हों या भोटिया पड़ाव के कुरकुरे बर्गर और टिक्की — हर किसी का दिल इन स्वादों पर फिदा रहता है।

लेकिन जब शाम को बारिश हो रही हो, या पढ़ाई और काम के बीच बाहर निकलना नामुमकिन हो, तब यह स्ट्रीट फूड घर मंगाना एक सपना जैसा था। Zomato या Swiggy जैसे ऐप्स इन स्थानीय ठेलों को शामिल नहीं करते थे। तभी करण और लोकेश ने मिलकर Streat Eats बनाने का फैसला किया।

Lokesh Paneru Co-Founder
Lokesh Paneru (Co-Founder) ने ग्राउंड ऑपरेशंस और वेंडर्स नेटवर्क को संभाला।
Streat Eats Logo

About Streat Eats Haldwani

Streat Eats is Haldwani's premier hyperlocal street food delivery service, founded by Karan Kumar (CEO) and Lokesh Paneru (Head of Operations). Download the app from Google Play Store.